यह हाना से सभी लोग परिचित है। जो बादल गरजता है, वह बरसता नहीं।
जौन गरजये, तौन बरसे नहिं
Published by Sanjeev Tiwari
ठेठ छत्तीसगढ़िया, पेशे से वकील, दिल से पत्रकार। छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्जीन और न्यूज पोर्टल का संपादक। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति व साहित्य को बूझने के लिए निरंतर प्रयासरत. .. View more posts
