इसका अर्थ कि जब किसी से मोहब्बत होता है। उसका हर चीज़ अच्छा लगता है। उसकी गाली भी अच्छी लगती है। जैसे कि कान की बाली अच्छी लगती है। गाली, कान की बाली जैसे है।
तोर गारी मोर कार के बारी
Published by Sanjeev Tiwari
ठेठ छत्तीसगढ़िया, पेशे से वकील, दिल से पत्रकार। छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्जीन और न्यूज पोर्टल का संपादक। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति व साहित्य को बूझने के लिए निरंतर प्रयासरत. .. View more posts
